ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में मुख्यमंत्री ने कहा-- पुलिस कर्मचारी नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक सीखे
अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली द्वारा 20 वर्ष बाद अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के आयोजन का दायित्व उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपा गया था । जिसके बाद बड़े जोर-शोर के साथ 16 से 20 जुलाई तक प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 62वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट का भव्य आयोजन किया गया। पांच दिन तक चली ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में देश के िभिन्न राज्यों की पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलो समेत 29 टीमों ने शिरकत की थी। ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा द्वारा किया गया था। इस दौरान 6 स्पर्धाएं,एण्टी सैबोटेज चेक, सांइटिफिक एडस् टू इनवेस्टीगेशन, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी,कम्प्यूटर अवेयरनेस एवं डॉग स्क्वायड आयोजित की गईं थीं जिनमे कुल 66 पदकों का वितरण किया गया। गौरतलब है कि यह मीट पुलिस की शारीरिक दक्षता के साथ-साथ विज्ञान कौशल एवं व्यावसायिक दक्षता के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
20 जुलाई को ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के समापन के मौके पर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी 35वीं वाहिनी पीएसी पहुंचें थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार सहित पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, देश के विभिन्न व केन्द्र शासित राज्यों तथा अन्य पुलिस संगठनों के प्रतिभागीगण, गणमान्य नागरिक व मीडियाकर्मी भी मौजूद थे।इस दौरान उपस्थित गणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने देश के विभिन्न राज्यों व केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को एक-दूसरे से सीखने और तकनीक का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समय के साथ पुलिस व अन्य केन्द्रीय बलों को अपनी कार्य पद्धति में नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक और अन्वेषण के आधार पर सुधार लाना आवश्यक है। ऐसा करके वे अपनी कार्यशैली का बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य स्तर पर भी ऐसी पुलिस ड्यूटी मीट के आयोजन का प्रयास किए जाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के दौरान आयोजित की गई विभिन्न स्पर्धाओं के विजयी प्रतिभागियों व राज्यों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित भी किया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों व केन्द्रीय पुलिस बलों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों और पुलिस संगठनों को एक-दूसरे से मिलने-जुलने का अवसर मिलता है। साथ ही, जानकारियों को साझा करने व उत्कृष्टता हासिल करने की भावना भी पैदा होती है।उन्होंने विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और जो पुलिसकर्मी इस बार किन्हीं कारणों से पदक हासिल नहीं कर पाएं, उनके लिए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों की आर्थिक, सामाजिक व भौगोलिक परिस्थिति अलग-अलग होती है। ऐसे में वे वैज्ञानिक शोध और तकनीक के आधार पर पुलिस की कार्यशैली व कानून व्यवस्था में सुधार लाने की जानकारी एक-दूसरे को आदान-प्रदान करते रहें। उन उपायों पर भी चर्चा होनी चाहिए,जिनसे प्राकृतिक आपदाओं में जन-धन की हानि को न्यूनतम किए जाने का पता चलता है। सीएम ने कहा कि व्यापक जनहित में यह जानकारी पुलिस की कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इस प्रकार के आयोजन सराहनीय हैं।
सीएम ने इस दौरान ये भी जानकारी दी कि इस ड्यूटी मीट में पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कम्प्यूटर अवेयरनेस, एण्टी सेबोटेज चेक, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा डॉग स्क्वायॅड से सम्बन्धित प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। यह सभी पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन स्पर्धाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा तथा वह कानून व्यवस्था, सुरक्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं के सम्बन्ध में जनता की बेहतर ढंग से सेवा कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी व अन्य पुलिस अधिकारियों की सराहना की। उन्होने कहा कि इस पुलिस ड्यूटी मीट में पुलिस कर्मियों द्वारा अच्छे आचरण और प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया।
गौरतलब है कि पुलिस ड्यूटी मीट में यूपी की टीम कंप्यूटर अवेयरनेस में रनर अप रही। यूपी पुलिस को यूपी कॉप मोबाइल एप के लिए डीजी एनसीआरबी ट्राफी एडीजी टेक्निकल सर्विसेज आशुतोष पांडेय को प्रदान की गई। सीएम ने सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। आईबी के अपर निदेशक एसएन सिंह व डीजीपी ओपी सिंह ने भी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। समारोह में सीएम ने जीवन रक्षा के लिए प्रधानमंत्री पुलिस पदक-2017 भी बांटे। योगी ने पंजाब पुलिस की एएसआई पुष्पा बालि व एचसी सुरेन्द्र पाल, महाराष्ट्र पुलिस के एएसआई शीतल कुमार रामनाथ बलाल, सीआरपीएफ के मुख्य आरक्षी स्वर्गीय हरेन्द्र सिंह की पत्नी व आईटीबीपी के दोरजी टेसरिंग को पुलिस पदक व 10-10 हजार रुपये नकद देकर सम्मानित किया।
पुलिस ड्यूटी मीट में महाराष्ट्र पुलिस को बेस्ट टीम घोषित किया गया। तमिलनाडु पुलिस के स्निफर लिंगा को बेस्ड डॉग का पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा वैज्ञानिक अनुसंधान में तमिलनाडु एण्टी सेबोटेज चेक के लिए आईटीबीपी विजेता व बीएसएफ उप विजेता, कम्प्यूटर अवेयरनेस प्रतियोगिता में केरल विजेता व उत्तर प्रदेश उप विजेता, वीडियोग्राफी में आन्ध्र प्रदेश विजेता व महाराष्ट्र उप विजेता, फोटोग्राफी में आन्ध्र प्रदेश विजेता व आईटीबीपी उप विजेता तथा डॉग स्क्वॉयड में तमिलनाडु विजेता व एसएसबी उप विजेता रहे। जीएनसीआरबी ट्रॉफी सीपीओज गु्रप, सीआईएसएफ को तथा डीजी एनसीआरबी ट्रॉफी स्टेट व यूटी ग्रुप, उत्तर प्रदेश व ओडिशा को संयुक्त रूप से प्रदान की गई। इस दौरान भिन्न पुलिस संगठनों द्वारा बैण्ड प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। भव्य मार्च पास्ट भी लोगों को मोहा। मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
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