मैं शुक्रगुजार हूं आप सभी से मिले प्यार और स्नेह के लिए
आपकी शुभकामनाओं की छांव में पत्रकारिता का सफर सुकून से लबरेज है. यह वर्ष अनुभवों के कुछ पन्नों में अंकित हो गए.
पूर्ण विश्वास था बदलाव की मुहिम मजबूत होगी,
विषय के विद्वान और विशेषज्ञ अपनी उत्कृष्ट कलम से पत्रकारिता के नए आयाम रचेंगे.
इस विश्वास को साकार होने में थोड़ा समय लगा.. लेकिन सपना साकार हुआ.....
कलम के कदमताल में कामयाबी की धमक सुनाई पड़ने लगी है
भटकाव और नकारात्मक पत्रकारिता के संकट पूर्ण दौर में सकारात्मक पत्रकारिता संभव है. फेक और पेड पत्रकारिता से परे पुलिस मीडिया न्यूज बुलंदियों को छू रहा है.
ऊर्जा देने वाले उसूलों को अविश्वास के दलदल से निकाल लाए हैं हम..
खुशी है
पत्रकारिता में विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए, जो भी किया जानदार, शानदार और बेमिसाल किया. आत्मसम्मान और सिद्धांतों को
सहेज कर रखा. हमें गर्व है आप पर और खुद पर जो हम साथ मिलकर चले और रोज आगे बढ़े।
दोस्तों, पुलिस मीडिया की शुरूआत 1 नवंबर 2015 को गाजियाबाद के इंदिरापुरम से हुई थी. उस वक्त हमारे साथी पिंटू तोमर, दीपक चौधरी और चन्दन राय का साथ था। उस समय यह निर्णय लिया था कि क्यों ना गाजियाबाद से जुड़े पुलिस अफसरों और मीडिया कर्मियों को एक मंच पर लाकर जोड़ा जाए और उस निर्णय को मूर्त रूप देते हुए पत्रकार चन्दन राय ने एक मीडिया ग्रुप की नींव रखते हुए शुभारंभ किया. जिसका नाम रखा गया था पुलिस मीडिया।
पिछले साल सन 2018 में यह सोचा गया कि क्यों ना पुलिस और जनता को एक मंच पर लाया जाये, और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक न्यूजÞ पोर्टल ६६६.स्रङ्म’्रूीेी्िरंल्ली६२.ूङ्मे शुरू किया गया। अपने एक साल के सफर में आज इस न्यूज़ पोर्टल ने पुलिस और जनता के बीच अपनी एक खास पहचान बना ली है।
हमें पूरा विश्वास था 2015 में शुरू किए गए इस मीडिया ग्रुप को ऐसी पहचान अवश्य मिलेगी.
बहुत खुशी होती है कि आज पुलिस मीडिया की साख सिपाही से लेकर कई प्रदेशों के पुलिस मुखिया के साथ-साथ सभी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच में है।
हमारे इस सपने को पूरा करने में आप सभी का अहम योगदान रहा है. मैं इसके लिए आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. साथ ही यह कामना करता हूं कि पुलिस मीडिया को आपका स्नेह, आपका प्रेम और सहयोग मिलता रहेगा.
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