Tuesday, March 31, 2020

गले में खराश कोरोना के लक्षण तो नहीं, जानिए

क्या गले में खराश कोरोना वायरस का लक्षण है?
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सामान्य वायरल से मिलते जुलते लक्षणों के कारण कोरोना को पहचानने में काफी परेशानी हो रही है ऐसे में जानें, क्या गले में खराश कोरोना का लक्षण है?

 पूरी दुनिया में अपना कहर बरसा रहे कोरोना के भारत में मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच लोगों को घर में रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कोरोना से जुड़ी कुछ ऐसी खास खास जानकारी जिससे आप इसे आसानी से पहचान सकते हैं साथ ही अपनी सुरक्षा भी कर सकते हैं।

क्या हैं कोरोना वायरस के लक्षण?

कोरोना वायरस के लक्षण आम सर्दी-जुकाम की तरह ही होते हैं जैसे- गले में खराश होना, सूखी खांसी और बुखार आना। वायरल से मिलते-जुलते लक्षणों की वजह से लोगों को कोरोना और आम सर्दी-जुकाम में फर्क करना मुश्किल हो रही है। 
WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुखार, सूखी खांसी, सांस की तकलीफ, थकान, थूक बनना, गले में खराश, सिरदर्द, लकवा या गठिया, ठंड लगना, बंद नाक, दस्त, मिचली या उल्टी, खांसी में खून आना कोरोना वायरस के अन्य लक्षण हैं।

डॉक्टर्स क्या कहते हैं ?

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर अनिल कुमार राय की माने तो, 'थकान, सांस लेने में तकलीफ, छाती में बलगम, जकड़न या भारीपन के साथ खांसी आ रही है तो ये कोरोना वायरस के लक्षण हैं"। हालांकि सामान्य वायरस और सर्दी में भी इसी तरह के लक्षण होते हैं और यही लक्षण H1N1वायरस (स्वाइन फ्लू) के भी थे।

क्या गले में खराश कोरोना वायरस का लक्षण है?

गले में खराश कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। इस वायरस के लक्षण 2 से 10 दिनों के बीच दिखने शुरू शुरू होते हैं। लक्षण देरी से देखने की वजह से लोग बाहर से बीमार नहीं लगते लेकिन यह संक्रमण लोगों में आसानी से फैल रहा है।

आपको बता दें, WHO इस बीमारी को महामारी घोषित कर चुका है। भारत के खिलाफ लोगों को सचेत करने के लिए WHO की तरफ से कई तरह की पहल की जा रही है। जिससे की लोग इस वायरस के चपेट में आने से बचें।

तबलीगी मरकज में कोरोना वायरस के 24 मामले

कोरोना वायरस: तब्लीगी मरकज में कोरोना वायरस के 24 पॉजिटिव मामले

दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित तब्लीगी जमात के मरकज़ में शामिल 24 जमातें अब तक कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। 

 आंध्र प्रदेश में, पिछले 12 घंटों के भीतर कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हुई है। सोमवार रात 9 बजे के बाद से अब तक 33 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 24 दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इसके अलावा, 5 लोगों के संपर्क में आने से भी संक्रमित लोग पाए गए है। आंध्र प्रदेश में कोरोना रोगियों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। 

Delhi (दिल्ली) के निजामुद्दीन में स्थित तब्लीगी जमात के मरकज़ में शामिल 24 जमातें अब तक कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जबकि 700 लोगों को क्वारनटीन सेंटर भेजा गया है। अब तक जमात में शामिल 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में तेलंगाना से लेकर कश्मीर तक के लोग थे। दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित मरकज में कोरोना का एक मामला तब सामने आया जब दिल्ली में एक 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित पाया गया था।

19 प्रदेशों के लोग जमात के मरकज में शामिल होने आए थे। जिनमें से 1830 लोग शामिल हुए थे।  अंडमान से 21, असम से 216, बिहार से 86, हरियाणा से 22, हिमाचल से 15, हैदराबाद से 55, कर्नाटक से 45, महाराष्ट्र के 115, मेघालय में 5 और केरल से 15 लोग आए थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश से 107, ओडिशा से 15, पंजाब से 9, राजस्थान से 19, झारखंड से 46, तमिलनाडु से 501, उत्तराखंड से 34, उत्तर प्रदेश से 156 और पश्चिम बंगाल से 73 लोग आए थे। अब सरकार हर उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जो मरकज में शामिल हुआ या उन लोगों के संपर्क में आया। दिल्ली सरकार के अनुसार, मरकज में लगभग 1830 जमात शामिल थे, जिनमें से 700 को छोड़ दिया गया है, जबकि 334 को दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

बीएचयू के एसोसिएट प्रोफेसर ने कोरोना जांच की किट बनाने का दावा किया


BHU के डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिक्युलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्‍स की शोध छात्राओं और एसोसिएट प्रोफेसरों ने ऐसी नई तकनीक बनाने का दावा किया है जो 4 से 6 घंटे में कोरोना की जांच करेगी।
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महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना वायरस को रोकने के अब तक कोई इलाज नहीं बना है इसके साथ ही दूसरी बड़ी समस्या ये है कि भारत में इसकी जांच रिपोर्ट आने में भी एक से अधिक दिन का समय लग रहा है। जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। 

इस बीच BHU ( काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिक्युलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्‍स की शोध छात्राओं और एसोसिएट प्रोफेसरों ने मिलकर एक ऐसी नई तकनीक बनाने का दावा किया है जो सस्ती और सटीक होने के साथ ही 4-6 घंटों में ही कोरोना के जांच का परिणाम देगी।

एक महीने की मेहनत के बाद की बनाई तकनीक

विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीता राय और उनकी टीम में शामिल शोध छात्रा डॉली दास, हीरल ठक्कर और खुशबू प्रिया ने करीब एक महीने की मेहनत के बाद इस नई तकनीक की खोज का दावा किया है।

इस बारे में और सूचना देते हुए एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीता राय ने बताया, "उनकी तकनीक आरटी-पीसीआर पर काम करती है और इस सिद्धांत पर अभी देश में कोई और तकनीक कोविड-19 के परीक्षण के लिए नहीं है. यह एक ऐसे अनोखे प्रोटीन सिक्वेंस को टारगेट करता है, जो सिर्फ कोविड-19 में मौजूद है और किसी और वायरल स्ट्रेन में मौजूद नहीं है. इस टेक्नोलॉजी की नवीनता के आधार पर एक पेटेंट भी फाइल किया गया है"।

RT-PCR आधारित कोई किट नहीं है

हालांकि प्रोफेसर डॉ. गीता राय द्वारा दावे क जब 
भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा निरीक्षण किया गया तो उसमें यह पाया गया कि 'देश में इस सिद्धांत पर RT-PCR आधारित कोई किट नहीं है, जो कि इस तरह के प्रोटीन सिक्वेंस को टारगेट कर रहा हो'। जबकि डॉक्टर गीता राय ने दावा किया, "देश में कोविड-19 के संक्रमण की बढ़ती स्थिति के लिए सटीक, विशिष्ट, तीव्र और सस्ते किट की कमी को ये परीक्षण सभी मापदंडों को पूरा कर सकता है"।

CDSCO और ICMR से किया संपर्क

इस मामले में आगे और सहयोग के लिए उन्होंने CDSCO यानी सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन और ICMR यानी इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च से संपर्क किया है, लेकिन अब तक वहां से कोई जवाब नहीं आया है।

Sunday, March 29, 2020

पीएम मोदी बोले- आप सभी को जो कठिनाई हुई है उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं



कोरोना वायरस को लेकर पूरा देश लॉकडाउन की स्थिति में हैं। वहीं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर जनता को संबोधित किया हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से असुविधा, कठिनाई के लिए माफी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं आपकी दिक्कतें समझता हूं, लेकिन भारत को, कोरोना के खिलाफ जीतने के लिए, ये कदम उठाए बिना कोई रास्ता नहीं था। पीएम मोदी ने इसके साथ ये भी कहा कि अभी भी कुछ लोग अब भी कानून तोड़ रहे हैं क्योंकि अभी भी वो स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे है। तो आइए आपको देते है पीएम मोदी की मन की बात के पल-पल अपडेट- 
मन की बात में बोले पीएम ने कहा नर्सिंग समुदाय के लिए बहुत बड़ी परीक्षा की घड़ी है।
भारत से कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के पीएम ने देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया है। लॉकडाउन लागू होने के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार के दिन सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया हैं। इस बार पीएम ने मन की बात कार्यक्रम के लिए कोरोना वायरस के बात उठाई हैं। कोविड-19 के कारण देश में उपजी परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी हैं। 
11:08 AM
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'आमतौर पर मैं मन की बात में कई विषयों को ले करके आता हूं। लेकिन आज देश के मन में सिर्फ एक ही बात है- ‘कोरोना वैश्विक महामारी’ से आया हुआ भयंकर संकट, ऐसे में मैं कुछ और कहूं वो उचित नहीं होगा। हो सकता है, बहुत से लोग मुझसे नाराज होंगे कि ऐसे कैसे सबको घर में बंद कर रखा है। मैं आपकी दिक्कतें समझता हूं, लेकिन भारत को, कोरोना के खिलाफ जीतने के लिए, ये कदम उठाए बिना कोई रास्ता नहीं था। मैं फिर एक बार, आपको जो भी असुविधा हुई है, कठिनाई हुई है, इसके लिए क्षमा मांगता हूं।' कोरोना वायरस ने दुनिया को एक-साथ कैद कर दिया है। ये ना कोई राष्ट्र की सीमाओं में बंधा है, न ही कोई क्षेत्र देखता है और न ही कोई मौसम इसलिए लोगों को, इसे वायरस के कहर को खत्म करने के लिए एकजुट होकर संकल्प लेना होगा ताकि हम इस पर विजय पा सकें। बता दें कि अमेरिका में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19(कोरोना) वायरस के कारण सर्वाधिक 453 मौतें हो चुकी हैं। पीएम मोदी मे कहा कि, “मैं जानता हूं कि कोई कानून नहीं तोड़ना चाहता, लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं क्योंकि अभी भी वो स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे। अगर आप 21 दिनों के लॉकडाउन का नियम तोड़ेंगे तो वायरस से बचना मुश्किल होगा।”
11:10 AM
अपनी बात को आगे बढ़ते हुए पीएम ने कहा कि, दुनिया भर में बहुत से लोगों को कुछ इसी तरह की खुशफहमी थी। आज ये सब पछता रहे हैं। बीते दिनों में मैंने ऐसे कुछ लोगों से फोन पर बात की है, उनका उत्साह भी बढ़ाया है और उनसे बातें करके मेरा भी उत्साह बढ़ा है।
11:19 AM
साथ ही इस लड़ाई के योद्धा ऐसे हैं जो घरों में नहीं, बल्कि बाहर रहकर वायरस का मुकाबला कर रहे हैं, फ्रंट लाइन सोल्जर, नर्सेज, डॉक्टर, पैरा-मेडिकल स्टाफ, ऐसे साथी, जो कोरोना को पराजित कर चुके हैं, उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। साथियो जैसा कि राम ने बताया कि उन्होंने हर उस निर्देश का पालन किया जो इनको कोरोना की आशंका होने के बाद डॉक्टरों ने दिए, इसी का परिणाम है कि आज वो स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। दुनिया का अनुभव बताता है कि इस बीमारी से संक्रमित व्यक्तियों कि संख्या अचानक बढती है। अचानक होने वाली इस वृद्धि की वजह से विदेशों में हमने अच्छे से अच्छे स्वास्थ्य सेवा को जवाब देते हुए देखा है। साथियों, हम मेडिकल स्तर पर इस महामारी से कैसे निपट रहे हैं इसके अनुभव जानने के लिए मैंने कुछ डाक्टरों से बात की जो इस लड़ाई में पहली पंक्ति में मोर्चा संभाले हुए हैं। रोजमर्रा की उनकी गतिविधि इन्हीं मरीजों के साथ पड़ती है।
11:26 AM
पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे  बढ़ाते कहा कि, भारत में ऐसी स्थिति न आये इसके लिए ही हमें निरंतर प्रयास करना है। आज जब मै डाक्टरों का त्याग, तपस्या, समर्पण देख रहा हूं तो मुझे आचार्य चरक की कही हुई बात याद आती है। आचार्य चरक ने डाक्टरों के लिए बहुत सटीक बात कही है। ये संयोग है कि वर्ष 2020 को अंतरराष्ट्रीय विश्व नर्स वर्ष और मिडवाइफ के तौर पर मना रहा है। इसका सबंध 200 वर्ष पूर्व 1820 में जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगल से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने नर्सिंग को एक नई पहचान दी। दुनिया की हर नर्स के सेवा भाव को समर्पित ये वर्ष निश्चित तौर पर नर्सिंग समुदाय के लिए बहुत बड़ी परीक्षा की घड़ी बन कर आया है। मुझे विश्वास है कि आप सभी इस इम्तिहान में ना सिर्फ सफल होंगी बल्कि अनेकों जीवन भी बचाएंगी। आप जैसे तमाम साथियों के हौसले और जज़्बे के कारण ही इतनी बड़ी लड़ाई हम लड़ पा रहे हैं। इस जंग में हमारे आसपास ऐसे अनेक लोग हैं जो समाज के रीयल हीरो हैं और इस परिस्थिति में भी सबसे आगे खड़े हैं। मुझे नरेंद्र मोदी एप पर बंगलूरू  के निरंजन सुधाकर हेब्बाले जी ने लिखा है कि ऐसे लोग डेली लाइफ हीरोज हैं।
11:32 AM
आपने देखा होगा, बैंकिंग सेवाओं को सरकार ने चालू रखा है और बैंकिंग-क्षेत्र के लोग पूरे मन से इस लड़ाई का नेतृत्व करते हुए आपकी सेवा में मौजूद हैं। आज के समय, ये सेवा छोटी नहीं है। कई लोगों ने वायरस के कोई लक्षण नहीं होने पर भी खुद को क्वारांटाइन (एकांतवास) किया। ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे विदेश से लौट करके आए हैं, इसलिए जब लोग खुद इतनी जिम्मेदारी दिखा रहे हैं तो उनके साथ खराब व्यवहार करना जायज नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका सामाजिक दूरी है। हमें समझना होगा कि सामाजिक दूरी का मतलब सामाजिक संपर्क खत्म करना नहीं बल्कि ये समय सामाजिक दूरी को बढ़ाने और भावनात्मक दूरी घटाने का है। सोशल मीडिया में ही मैंने देखा, कि कुछ लोगो ने, वर्षों से घर में पड़े तबला, वीणा, जैसे संगीत के वाद्ययंत्रों को निकालकर रियाज करना शुरू कर दिया है। आप भी ऐसा कर सकते हैं। 
11:37 AM
कोरोना वायरस के खिलाफ ये युद्ध अभूतपूर्व और चुनौतीपूर्ण है। इस दौरान लिए जा रहे फैसले ऐसे है, जो दुनिया के इतिहास में कभी देखने और सुनने को नहीं मिले। इसे रोकने के लिए जो प्रयास हो रहे हैं वही भारत को इस महामारी पर जीत दिलाएंगे।  ‘मन की बात’ के लिए, फिर, अगले महीने मिलेगें और तब तक इस संकटों को मात करने में हम सफल हो भी जाएं, इसी एक कल्पना के साथ, इसी एक शुभकामना के साथ, आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।

Monday, March 23, 2020

पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने की कोरोना वायरस पर अपील

कोरोना वायरस को लेकर शोएब अख्तर ने लोगों से की अपील, कहा- धर्म से उपर उठकर सोचो
जब पूरी दुनिया जानलेवा कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है। इस दौरान पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज और रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने लोगों को एक संदेश दिया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें हिंदू-मुस्लिम को ना देखते हुए एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। शोएब ने एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर की है। जिसमें उन्होंने पूरी दुनिया को एकजुट होकर काम करने की अपील की है।
शोएब अख्तर ने अपने यू-ट्यूब चैनल के जरिए कहा कि हमें सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही वक्त है जब हमें हिंदू-मुस्लिम, अमीर-गरीब से उपर उठकर सोचना होगा। अख्तर ने कहा, पूरी दुनिया के लोगों से मैं आग्रह करना चाहता हूं कि कोरोना वायरस ग्लोबल क्राइसिस है और सभी को इसके बार में ग्लोबल फोर्स की तरह सोचना होगा। अमीर लोग फिर भी बच जाएंगे लेकिन गरीब कैसे बचेगा। हमें सामान खरीदने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हमें उन लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए जो रोज कमाकर खाते हैं। दुकाने खाली हो रही हैं, इसकी क्या गारंटी है कि आप तीन महीने तक जिंदा रहेंगे।
बता दें, पाकिस्तान में कोरोना वायरस ने 799 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है और 6 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3,39,025 हो गई है। वहीं इस जानलेवा वायरस ने 15 हजार से ज्यादा लोगों की ले ली है।

Saturday, March 21, 2020

कोरोना पॉजिटिव महिला को ₹2600000 का बिल भेजा


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दुनियाभर में महामारी की तरह फैल चुके कोरोना के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे पढ़कर आप चौक जाएंगे। 
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कोरोना वायरस के कहर के कारण शक्तिशाली देश डरे हुए हैं। लोग इस महामारी से बचने के लिए तरह-तरह के नुसके आजमा रहे हैं। इस बीच एक हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है। बता दें, कोरोना वायरस संक्रमण की जांच और ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल की ओर से एक महिला को 26 लाख 41 हजार रुपये का बिल भेजा गया है। 

time.com की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में डैनी एस्किनी नाम की महिला की छाती में दर्द शुरू हुआ था जिसके बाद वो हॉस्पिटल पहुंची। एस्किनी को छाती में दर्द के साथ ही सांस लेने में परेशानी और माइग्रेन की भी समस्या हो रही थी। वहीं महिला को देखकर उनके डॉक्टर को लगा कि महिला को नई दवा की वजह से रिएक्शन हो रहा है। जिसके बाद अमेरिका के बॉस्टन की रहने वाली महिला को एक हॉस्पिटल के इमरजेंसी में भेजा गया।

शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने पाया कि महिला एस्किनी को निमोनिया है जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद महिला का टेंपरेचर बढ़ने लगा और कफ भी शुरू हो गया। वहीं जब दो बार और हॉस्पिटल जाने के बाद बीमारी के सातवें दिन एस्किनी का महामारी कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया और उन्हें फिर स्वस्थ होने के लिए घर जाने दिया।

टेस्ट के तीन दिन बाद महिला के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। जिसके कुछ दिनों बाद ही महिला को हॉस्पिटल की ओर से जांच और ट्रीटमेंट के लिए 26 लाख से ज्यादा का बिल भेजा गया। एस्किनी ने कहा- "मैं बिल देखकर हैरान रह गई. मैं निजी तौर पर किसी को नहीं जानती जिनके पास इतने अधिक रुपये हों"।

आपको बता दें कि इस वक्त भारत में वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 285 हो गई है। 6700 से ज्यादा लोगों को निगरानी में रखा गया है। शनिवार की सुबह तक दुनिया में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 2,76,000 से अधिक है, वहीं मृतकों की संख्या 11,400 से अधिक हो गई है।

कोरोना वायरस का प्रकोप: एक दिन में इटली में 627 मौतें


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दुनिया पर कहर ढ़ा रहे कोरोना वायरस के कारण इटली में एक दिन में रिकॉर्ड तोड़ मौतें दर्ज की गई। 
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कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इटली में संक्रमित लोगों की संख्या रॉकेट की तेजी से बढ़ रही है। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को इस वायरस के कहर से एक ही दिन में रिकॉर्ड 627 मौतें दर्ज की गई। इसके चलते देश में कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए गए। उधर, ब्रिटेन में भी एक ही दिन में 33 लोगों की मौत के बाद ‘लॉकडाउन’ घोषित कर दिया गया है। लोगों को घरों में बंद रहने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बता दें, इटली में इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4,032 हो गया है। जबकि संक्रमित लोगों की संख्या भी 41,035 से बढ़कर 47,021 पर पहुंच गई है। इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित लोम्बार्डी का उत्तरी क्षेत्र हुआ है। इस क्षेत्र में वायरस से 2,549 मौतें हुई हैं तो वहीं 22,264 लोग संक्रमित हुए हैं।
जॉगिंग-बाइक और साइकिल से घूमने पर प्रतिबंध
शुक्रवार को वायरस से हुईं 627 मौत के बाद इटली ने पार्कों में टहने और जॉगिंग या बाइक और साइकिल से घूमने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इटली में वायरस से जान गवाने वालों की औसत उम्र 79.5 है। इसके चलते बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने के लिए कहा है।
फ्रांस में 78 और लोगों की मौत
इस वायरस के चलते फ्रांस में 78 और लोगों की मौत हो गई है। जिसके बाद फ्रांस में मरने वालों की संख्या करीब 450 के पास पहुंच गई है। 
इटली में 13 डॉक्टरों की मौत
इटली में इस घातक संक्रमण ने 13 डॉक्टरों को अपना शिकार बना लिया है। डेली मेल की खबर की माने तो हाल ही में पांच डॉक्टरों ने एक ही दिन में जान गवां दी थी। इसके अलावा देश के 2,629 चिकित्सा कर्मी भी इस वायरस से पीड़ित हैं।

कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या ढाई सौ पर हुई


भारत में तेजी से बढ़ रहा कोरोना का कहर, संक्रमित लोगों का आकंड़ा बढ़कर 256 पहुंचा ! 
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बढ़ते समय के साथ कोरोना का कहर अपना विकराल रूप लेता जा रहा है। देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि सभी सरकारें लोगों को आम तौर पर सोशल डिस्टेंस मेंटेंन करने को कह रही है साथ ही कई एडवाइजरी भी सरकार की ओर जारी कर रही है। लेकिन बावजूद इसके सरकार की सभी कोशिशों पर पानी फेरते हुए कोरोना एक-एक कर लोगों को अपना शिकार बना रहा है। एक दिन पहले ही बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर द्वारा लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसके बाद उनके खिलाफ लापरवाही के आरोप में लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में शुक्रवार को मामला दर्ज कराया गया है। 
बता दें, इसी बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 50 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद शुक्रवार शाम को संक्रमित लोगों का आकड़ा 250 तक पहुंच गया है। वहीं शनिवार सुबह तक ये आकड़ा बढ़कर 256 पर पहुंच गया है। जबकि संक्रमितों के पास (संपर्क) में आने वाले 6,700 से ज्यादा लोगों को कड़ी निगरानी में रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये जानकारी दी है, "देश में COVID-19 से संक्रमितों में 32 विदेशी हैं, जिनमें 17 इतालवी, तीन फिलीपीन के, दो ब्रिटेन और एक-एक कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर का निवासी है. इनमें अबतक दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब और महाराष्ट्र में हुई चार मौतें भी शामिल है"।
पंजाब में सुनसान पड़ी है सड़कें
पंजाब के अमृतसर शहीद मदन लाल ढिंगरा अंतर्राज्यीय बस अड्डा सुनसान पड़ा हुआ है। कुछ एक बसे ही अड्डें में नजर आ रही हैं। लोग भी कम संख्या में नजर आ रहे हैं। जाहिर है पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बस सेवाओं को स्थगित कर दिया गया हैं। इसलिए सड़के भी वीरान नजर आ रही है।
महाराष्ट्र गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेशन खाली
वायरस के बढ़ते कहर के कारण महाराष्ट्र गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेश पर इक्के-दुक्के लोग ही दिख रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि सभी जरूरी सुविधाओं को छोड़कर, दूसरे ऑफिस और दुकानें बंद रहेंगी। 31 मार्च तक महाराष्ट्र के चार शहरों- मुंबई शहरी क्षेत्र, नागपुर और पिंपरी चिंचवाड़, पुणे में लॉक डाउन किया गया है। जिसके कारण ही लोकल ट्रेन के यात्री नजर नहीं आ रहे हैं।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर भीड़
मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिल रही है। बता दें, कोरोना वायरस के कहर के कारण मुंबई शहर में काम कर रहे लोग अब अपने राज्य के लिए रवाना हो रहे हैं। स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने कहा, "मेरे पास कंफर्म टिकट थी इसके बावजूद मुझे अपनी सीट नहीं मिली. ट्रेन के अंदर काफी ज्यादा लोग हैं. मेरे घरवालों ने वापस आने को कहा है इसलिए वापस जा रहे हैं"।