विचारशील होने से मतलब है कि दूसरों के बारे में सोचने का समय निकालें। विचारशील होना, दयालु होना, दूसरों की देखभाल करना कुछ ऐसे गुण हैं। जिनके जरिये आप दूसरों की काफी मदद कर सकते हैं। विचारशील होना आपको जिंदगी में इतना आगे ले जा सकता है कि काॅलेज की पढ़ाई या कोई प्रोफेशनल डिग्री भी शायद ही दे पाये।
स्किल डिवेलपमेंट
कौशल विकास अर्थात् व्यवहार कुशलता। आप दूसरों से कैसा व्यवहार करते हैं और उनके बारे में क्या सोचते हैं, इससे पता चलता है कि आप कैसे हैं। दयालु होना और दूसरों की मदद करना आपकी जिंदगी में बड़ा फर्क ला सकता है। दूसरों के साथ असभ्य व्यवहार करने वाले कई लोग हैं। कई लोगों को इसका अहसास भी नहीं होता है, वे दूसरों को होने वाली भावनात्मक तकलीफ के बारे में सोचते भी नहीं हंै। हम कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जो आपको दूसरों के प्रति विचारशील बनने में मदद करेंगी।
दूसरों की जरूरतों का अनुमान लगाये
विचारशील होने का एक मतलब यह भी है कि आप लोगों की जरूरतों का पूर्वानुमान लगायें कि उन्हंे किस तरह की मदद की जरूरत होगी। यदि आप अपने सहयोगियों के साथ लंच के लिए बाहर जा रहे हैं तो पर्याप्त मात्रा में नैपकिन साथ में रख लें, इसकी सभी को जरूरत होगी। यदि आप जानती हैं कि आपके पति देव रात में आॅफिस से देर से आने वाले हैं तो उनके लिए फ्रिज में खाना रख दें। इस तरह लोगों की जरूरतों पर नजर रखें, बल्कि तब जबकि उन्हें खुद इन जरूरतों का अह्सास न हो, तो ये चीजें आपको सही रूप में विचारशील बनाएंगी।
सावधानी से बोलें
यदि आप विचारशील होना चाहते हैं तो हमेशा अपने शब्दों पर ध्यान दें। आपको यह पता होना चाहिये कि आप अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने के लिए किन शब्दों का प्रयोग करें। यदि आप चाहते हंै कि लोग आपकी बातें सुनें और आपके बारे में अच्छा महसूस करें, तो बोलने से पहले सावधानी से अपने शब्दों के बारे में सोचें, फिर अपनी बात कहें। इस तरह आप कोई नकारात्मक बात भी नरम लहजे में कह सकते हैं और किसी की तारीफ भी अच्छे तरीके से कर सकते हैं। अतः यह बात याद रखना जरूरी है कि शब्द बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं तथा उनके प्रयोग की शैली भी।
विनम्र बनें
विचारशील बनने के लिये विनम्र होना बहुत जरूरी है। विनम्र होने से मतलब है कि अपने आस पास के लोगों को ठेस पहुंचाये बिना अपनी बात कहना। इससे यह मतलब नहीं है कि आप झूठ बोलें, बल्कि चतुराई से विनम्र शब्दों में आलोचना किये बिना अपनी राय प्रकट कर सकते हैं। अपना संदेश बिना किसी को ठेस पहुंचाये, सब लोगों तक पहुंचाना ही विचारशील है। इसके लिए आपको एक अच्छा श्रोता होना भी जरूरी है, ताकि आप आस पास के लोगों के बारे में जागरूक रहें और समय आने पर सही तरह से जवाब दे सकें।
दयालुता वाले काम करें
विचारशील व्यक्ति को दयालुता से ही पेश आना है। केवल लोगों के बारे में जानना और सोचना या सहानुभूति प्रकट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत के वक्त उनकी मदद करना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए आप एस.ओ.एस जैसी संस्थाओं को आर्थिक सहयोग भेज सकते हैं, या मुसीबत में फंसे इंसान की मदद कर सकते हैं।
सार्वजनिक स्थल पर जागरूक रहें
आस-पास के बारे में सजग रहें, विशेषतः पब्लिक प्लेस पर। बाहर आपका व्यवहार कैसा होता है, सोचंे और जाने कि उस पर दूसरों की क्या प्रतिक्रिया होती है। जहां हर कोई पढ़ाई में लगा हो जैसे सार्वजनिक पुस्तकालय अथवा काॅफी हाऊस। जहां आप अपने मित्र के साथ जोर-जोर से बात कर रहे हैं। तो आपका व्यवहार दूसरों को पागलपन लगेगा।
दूसरों की आर्थिक स्थिति के बारे में सोचे
अपने किसी दोस्त को पार्टी देने से पहले उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में सोचें। यदि आप अपने सामान्य स्थिति के दोस्त को मंहगे होटल में ट्रीट देते हैं तो वह असहज महसूस करेगा क्योंकि वह इतना महंगा होटल अफोर्ड नहीं कर सकता।
खुद को दूसरों की जगह रखकर देखो
अपने दोस्त, सहयोगी या टीचर पर आरोप मत लगाओ, किसी को भी कुछ अटपटे या अनुचित शब्द कहने से पूर्व यह सोचें कि यदि आप उनकी जगह होते और वे आप पर इस तरह रिएक्ट करते तो आपको कैसा लगता।
विचारशील लोगों की आदतें
1. वे हमेशा दूसरों के प्रति सहानुभूति रखते हैं।
2. मुस्कुराते हुये सबसे मिलते हैं।
3. दूसरों की जरूरतों का हमेशा ध्यान रखते हैं।
4. शिष्टाचारी होते हैं
5. दूसरों को अपने से आगे रखते हैं, सम्मान देते हैं।
6. धैर्यवादी होते हैं, भले ही उन्हें इंतजार करना अच्छा न लगे।
7. अगर उनकी गलती हो तो माफी मांगने में हिचकते नहीं।
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