अजय शर्मा
अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कहा है कि टाइम इज मनी। यह वाक्य बहुत सोचने पर मजबूर करता है। इसकी गहराई वही समझ सकता है जो इस पर चिंतन करे, मनन करंे कि समय का मोल क्या है। आखिरकार आचार्य श्री इस पर बल क्यों दिया। वो क्या कहना चाहते हैं। जो मैं समझ पाया वो सिर्फ इतना ही, कि आचार्य श्री महाश्रमण जी समय के प्रबंधन और सदुपयोग को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। वे बताना चाहते हैं कि टाइम वंस गोन नेवर रिटर्न। जो व्यक्ति समय का मोल नहीं समझता, इसके साथ खिलवाड़ करता है। जीवन में यह सोच कर चलता है, होता है, चलता है, कर लूंगा, हो जाएगा। अभी बहुत वक्त है। ऐसे लोग अपनी जिदंगी में बहुत पीछे रह जाते हैं। ऐसे लोगों को सफलताएं नहीं मिल पाती हैं। इसलिए जीवन में टाइम मेनेजमेंट बहुत जरूरी है।
प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह जीवन में सफल हो अथवा असफल, सभी को पूरे दिन में सिर्फ चैबीस घंटे ही मिलते हैं। समय के मामले में भगवान और व्यवस्था किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। यह व्यक्ति की प्रतिभा और सोच पर निर्भर करता है कि वह समय का समुचित उपयोग करके उसका फायदा कैसे उठाए और अपने आपको सफल बनाए। यदि हम समय का सदुपयोग कर उसे अपने लक्ष्य को पाने में करते हैं तो ऐसा कोई कारण नहीं बनता, जिससे आपको जीवन में सफलता न मिले।
बड़े कामों की सूची बनाएं
अक्सर देखा जाता है कि समय का उन लोगों के लिए कोई महत्व नहीं होता, जिनके जीवन का कोई निर्धारित लक्ष्य होता। इसीलिए वे जो जैसा मिलता है, करते चले जाते हैं और इस तरह से उनका मूल्यवान समय व्यर्थ में व्यतीत होता चला जाता है। इसीलिए अनुभवी लोग कहते हैं कि यदि आप अपने कामों की सूची बना कर काम करते हैं तो आपको व्यर्थ में समय गंवाने का कोई समय ही नहीं मिलेगा।
समय का निर्धारण करें और उसकी समीक्षा करें
समय निर्धारित करने से काम के प्रति एक प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी आती है। मुझे याद है जब ऐश्वर्या राय विश्व सुंदरी बनी थीं, तब निर्णायक मंडल के सदस्यों ने उनसे पूछा था-आप अपने सपने को समय के अनुकूल कैसे बनाएंगी। ऐश्वर्या ने अंग्रेजी कवि डब्लू. बी. यीट्स के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा था, सपनों से उत्तरदायित्व आते हैं और उत्तरदायित्व से समय के मूल्य का पता चलता है।
अनावश्यक कार्यों में अपना समय बर्बाद न करें
आपने सुना होगा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। जब आपके पास कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं होती तो आप समय के महत्व को पहचान नहीं पाते। इसलिए आप अपने बहुमूल्य समय को उल्टे-सीधे कामों में लगाते रहते हैं। ऐसे में आप कभी भी किसी को न नहीं कह पाते। जो भी आपको कोई काम करने के लिए बोलता है, आप तुरंत राजी हो जाते हैं, जबकि एक सफल व्यक्ति के पास हमेशा समय की कमी होती है।
अपनी कार्यों को आदत में तब्दील करें
छात्रों के सन्दर्भ में अक्सर देखा जाता है कि साल भर वे गंभीर नहीं होते और जैसे ही परीक्षा नजदीक आने लगती है, वे गंभीर होते चले जाते हैं। कारण कि सालभर तो वे कुछ पढ़ते नहीं और सब काम अंत में पूरा करना चाहते हैं, जो कभी हो नहीं पाता। इससे एक तो उनके दिमाग में अनावश्यक जोर पड़ता है और दूसरा वे तनाव का शिकार हो जाते हैं इसी काम को यदि वे अपनी आदत बना कर रोज दो-तीन घंटे में बांट दें तो एक तो न उन्हें अनावश्यक तनाव का सामना करना पड़ेगा और दूसरा, उन्हें अपने काम में असफलता भी नहीं मिलेगी।
डिजिटल मीडिया का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए करें
हाल ही में आई एक रिसर्च के अनुसार एक औसत युवा आज की तारीख में दो से तीन घंटे इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया में गुजारता है। इससे एक तो उसका बहुत समय बर्बाद होता है, दूसरा उसे कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों का शिकार होना पड़ता है।
ऐसे में यदि वह इन सब का उपयोग सूचना और ज्ञान प्राप्त करने में करे तो एक साथ दो काम हो सकते हैं। और उसे किसी प्रकार की समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
छोटी-छोटी सफलताओं को सेलिब्रेट करें और उनका आनंद उठाएं
आजकल देखा यह जा रहा है कि हम अपनी खुशियों का इजहार भी सबके सामने नहीं करते और अंदर ही अंदर संकुचित होते चले जा रहे हैं। इससे आपका वही हाल होता चला जाता है कि जंगल में मोर नाचा किसने देखा। ऐसी स्थिति में यदि आप अपनी सफलताओं को सबके साथ साझा करेंगे तो इससे आपको दो फायदे होंगे। पहला तो आपके काम को प्रोत्साहन मिलेगा और लोग आपसे जुड़ते चले जायेंगे। दूसरा आपके भीतर ही भीतर एक ऐसे आत्मविश्वास का संचार होता चला जायेगा कि आप बड़े से बड़ा काम करने में भी नहीं हिचकिचाएंगे।
महत्वपूर्ण काम पहले करें
एक अध्ययन से यह बात सामने आई कि बहुत परिश्रम से किया गया कार्य जरूरी नहीं कि प्रभावी भी हो। प्रभावी वही कार्य होता है, जिसे पूरी तन्मयता और सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति अपने कामों की सूची बनाता है तो उसे यह पता होता है कि क्या महत्वपूर्ण है।
यदि आप इन छोटे छोटे टिप्स को अपने जीवन में अपना लें, तो जीवन में सफलता निश्चित है।
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